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Biography Of Father Of Nation Mahatma Gandhi

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  सत्य और अहिंसा के पुजारी "महात्मा गांधी" को शत्-शत् नमन “ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ” का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने विचारों और आर्दशों के माध्यम से भारत ही नहीं अपितु पुरी दुनिया में अपनी अलग छाप छोड़ी है। उन्‍होंने सत्‍य और अहिंसा के पथ पर चलकर भारत को गुलामी की जंजीरों से आज़ादी दिलाई। उनके इन्हीं विचारों, आर्दशों और भारत के आज़ादी में अहम भूमिका निभाने के लिए उन्हें “ राष्ट्रपिता ” (Father Of Nation) की उपाधि दी गई। महात्मा गांधी को “ राष्ट्रपिता ” के नाम से सबसे पहले नेतीजी सुभाष चन्द्र बोस ने वर्ष 1944 ई. में रंगून रेडियो से जारी प्रसारण के दौरान सम्बोधित किया था। इसके साथ ही गांधी जी को ‘ बापू ’ के नाम से भी जाना जाता है। प्रारंभिक जीवन ( Primary Life) सत्य और अहिंसा के पुजारी “ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ” का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबन्दर में हुआ था। उनके पिता का नाम करमचन्द गांधी था, जो ब्रिटिश राज के समय पोरबन्दर के काठियावाड़ की एक छोटी सी रियासत के दीवान थे। मोहनदास की माता का नाम पुतलीब...

Vikas Dubey killed in UP police encounter

पुलिस एनकाउंटर में विकास दुबे की मौत- बदला या न्याय ? यूपी पुलिस के 8 जवानों को मौत के घाट उतारने वाला हत्यारा विकास दुबे आज सुबह पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया। उज्जैन के महाकाल मंदिर से विकास दुबे को पकड़ने के बाद यूपी STF द्वारा कानपुर ले जाते समय गाड़ी हादसे का शिकार हो गई।  पुलिस के मुताबिक गाड़ी के पलटने के बाद विकास पुलिस की बंदुक छीनकर भागने की कोशिश करने लगा, जिसके बाद पुलिस ने इस कुख्यात अपराधी को मार गिराया। इसके साथ ही पुलिस ने बताया कि विकास ने पुलिस की टीम पर कई गोलियां चलाई, जिसके जवाब में आत्मरक्षा के तौर पर पुलिस ने जवाबी कार्यवाही की, जिसमें विकास घायल हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।     एनकाउंटर पर उठते सवाल बीते एक हफ्ते से पुलिस के साथ आंख मिचोली का खेल खेलने वाला दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। जिसके बाद पुलिस द्वारा किया गया यह एनकाउंटर संदेह के घेरे में आ गया है। आज तड़के सुबह जब विकास की मौत की खबर आई तो ऐसा लगा जैसे यह सब पहले से नियोजित था। क...

Police arrest vikash dubey

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8 पुलिसवालों का खूनी आखिरकार आया पुलिस की गिरफ्त में यूपी पुलिस के आँखों मे धूल झोंककर फरार हुए दुर्दान्त अपराधी विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया है। बीते 6 दिनों से पुलिस के साथ आंख मिचौली का खेल, खेल रहा कानपुर के विकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों का हत्यारा आख़िरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। मध्य प्रदेश पुलिस विकास दुबे को कोर्ट में पेश न कर यूपी पुलिस को सौंपेगी। उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम उसे लेने के लिए रवाना हो गई है। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा बताया जा रहा है कि विकास दुबे ने महाकालेश्वर मंदिर की पर्ची कटाई और इसके बाद खुद ही सरेंडर कर दिया। इसके साथ यह भी बताया जा रहा है कि विकास ने प्रदेश की स्थानीय मीडिया को खुद अपने आत्मसमपर्ण करने की ख़बर दी थी। विकास दुबे महाकाल मंदिर के सामने खड़ा था। जैसे ही वहां स्थानीय मीडिया पहुंची तो वह चिल्ला कर बताने लगा मैं कानपुर वाला विकास दुबे हूं। इसके बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार होने के बाद भी विकास के चेहरे पर न ही पुलिसवालों की हत्या करने का अफसोस था और न कोई ...

Why Sushant ?

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तारों के पार चला गया भविष्य का उभरता हुआ ' सितारा ' टेलीविजन और फिल्म जगत का एक और सितारा दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गया। काइ पो छे, पीके, धोनी और छिछोरे जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या कर ली। वह महज़ 34 वर्ष के थे। उन्होंने बांद्रा में स्थित अपने घर में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि आत्महत्या करने की वजह का अभी पता नही चल पाया हैं। बताया जा रहा है कि वह काफी दिनों से डिप्रेशन में थे और अपना इलाज भी करा रहे थे। हाल ही में अभिनेता इरफान खान और ऋषि कपूर जैसे उम्दा कलाकारों को खोने के बाद सुशांत के इस कदम से पूरे बॉलीवुड शोक की लहर छा गई है। किसी के लिए भी इस खबर पर यक़ीन करना मुश्किल था कि भविष्य के इस उभरते हुए सितारे ने आखिरकार यह कदम क्यों उठाया। इस खबर के मीडिया में आने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही राहुल गांधी , शिवराज सिंह चौहान जैसे कई नेताओं ने भी सुशांत की मौत पर शोक जताया है। इसके साथ अमिताभ बच्चन , अक्षय कुमार , अजय देवगन , सोनू सूद, सलमान खान और शाहरुख खान समेत बॉलीवुड के ज...

World No Tobacco Day

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तंबाकू का सेवन लील रहा लोगों का जीवन   पूरी दुनिया में आज "विश्व तंबाकू निषेध दिवस" मनाया जा रहा है , हालांकि इस वक्त दुनिया कोविड- 19 महामारी से जूझ रही है। इस वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया की रफ्तार को थाम दिया है। लेकिन इससे ' विश्व तंबाकू निषेध दिवस ' की महत्ता कम नही होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए "विश्व स्वास्थ्य संगठन" द्वारा हर वर्ष 31 मई को ' विश्व तंबाकू निषेध दिवस ' के रूप में मनाया जाता है। “ विश्व स्वास्थ्य संगठन ” के मुताबिक तंबाकू के सेवन से हर साल दुनिया भर में 70  लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती हैं। युवाओं में तंबाकू की बढ़ती रुचि को देखते हुए इस दिवस की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है। इसी को समझते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साल 2020 के लिए ' विश्व तंबाकू निषेध दिवस ' का थीम युवाओं को केंद्र में रखकर रखा गया है। जिसका उद्देश्य युवाओं को तंबाकू और निकोटीन का सेवन ना   करने के लिए प्रेरित करना हैं। भारत की स्थिति भारत दुनिया में तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा त...

World Earth Day

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कोरोना संक्रमण के बीच निखर रही पृथ्वी की छवि आजकल सुबह की हवाओं में कुछ अलग ही बयार बह रही है। उठते ही मन प्रसन्न और तरोताज़ा हो जाता है। ऐसा लगता है कि जिस प्रकृति के प्रति हम अपने लगाव को कहीं ना कहीं भूल गए थे वहीं कुद़रत हमें गले लगाने को आतुर हो रही है। जिस प्रकृति को हम इंसानों ने धुमिल कर दिया था, आज उन्हीं इंसानों के घरों में रहने के कारण कुद़रत की छवि निखर रही है। एक तरफ जहां वैश्विक महामारी बन चुका कोरोना वायरस का बढ़ता संक्रमण चिंता का विषय है तो वहीं दूसरी तरफ इन सब के बीच कुद़रत का निखरता स्वरूप ना केवल दिल को सुकून देने वाला है बल्कि दिमाग को आत्मसात करने वाला भी है। कोरोना महामारी से दुनिया के तमाम देशों में लॉकडाउन होने के कारण करोड़ों लोग अपने घरों में रह रहे है। इसकी वजह से बेश़क लोगों को कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन ऐसे समय में हमारी प्रकृति मुस्कुरा रही है। आसमान के सुन्दरता की चमक निखर रही है, हवाओं के बयार में अलग तरह की खुशबू का एहसास है साथ ही नदियां स्वच्छता की हिलोरे मार धरती को पावन बना रही है। जिस पतित पावनी गंगा की सफाई...