Police arrest vikash dubey

8 पुलिसवालों का खूनी आखिरकार आया पुलिस की गिरफ्त में

यूपी पुलिस के आँखों मे धूल झोंककर फरार हुए दुर्दान्त अपराधी विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया है। बीते 6 दिनों से पुलिस के साथ आंख मिचौली का खेल, खेल रहा कानपुर के विकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों का हत्यारा आख़िरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। मध्य प्रदेश पुलिस विकास दुबे को कोर्ट में पेश न कर यूपी पुलिस को सौंपेगी। उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम उसे लेने के लिए रवाना हो गई है।




मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा बताया जा रहा है कि विकास दुबे ने महाकालेश्वर मंदिर की पर्ची कटाई और इसके बाद खुद ही सरेंडर कर दिया। इसके साथ यह भी बताया जा रहा है कि विकास ने प्रदेश की स्थानीय मीडिया को खुद अपने आत्मसमपर्ण करने की ख़बर दी थी। विकास दुबे महाकाल मंदिर के सामने खड़ा था। जैसे ही वहां स्थानीय मीडिया पहुंची तो वह चिल्ला कर बताने लगा मैं कानपुर वाला विकास दुबे हूं। इसके बाद स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार होने के बाद भी विकास के चेहरे पर न ही पुलिसवालों की हत्या करने का अफसोस था और न कोई शिकन। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसने अपनी गिरफ्तारी किसी प्लानिंग के तहत दी है।

इस दुर्त्तान्त अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद विकास दुबे पुलिस को चकमा देकर उन्हें गुमराह करता रहा। इसके साथ ही कानपुर के 40 थानों की फ़ोर्स, 10000 पुलिसकर्मी और STF की 100 टीमों के साथ प्रदेश की खुफिया विभाग को विकास की तलाश में लगाया गया था, लेकिन विकास दुबे पुलिस से चार कदम आगे बढ़ते हुए उज्जैन पहुंच गया और आसानी से गिरफ्तार हो गया। आश्चर्य की बात तो यह है कि कानपुर में पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या करने के बाद 2 दिनों तक
विकास दुबे घटनास्थल से महज़ 5 किमी दूर शिवली गांव में रहा, लेकिन पुलिस को कानोंकान खबर नही हुई। साथ ही कानपुर से फरीदाबाद और फरीदाबाद से उज्जैन जितनी आसानी और शातिरता के साथ घूमता रहा वह पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

जिस प्रक्रिया से विकास दुबे को पकड़ा गया उसमें यह कहना गलत नहीं होगा कि विकास ने आत्मसमर्पण किया है। हालांकि मध्य प्रदेश की पुलिस ने भले उसे गिरफ्तार किया हो लेकिन जिस तरह से उसे पकड़ा गया है उसने पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। यह दर्शाता है कि यूपी पुलिस उसे पकड़ने में नाकामयाब साबित हुई हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

My First Blog

Delhi Violence

Why Sushant ?