Successfully done janta curfew
एक सूत्र में पिरोया दिखा पूरा भारत
पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुके कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए रविवार को भारत एक सूत्र में पिरोया हुआ नज़र आया। देश के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर जनता कर्फ्यू के दौरान जिस तरह से खुद को घरों में सीमित रखा, वह लोगों के सामूहिक संकल्प शक्ति की अभूतपूर्व और अद्भुत मिसाल है। देश में यह मिसाल इसलिए कायम हो सकी,क्योंकि देश की जनता ने संकट की इस घड़ी में संयम और अनुशासन का परिचय दिया। इस जनता कर्फ्यू के दौरान लोगों ने न केवल संयम का उदाहरण पेश किया, बल्कि शाम को 5 बजते ही अपने-अपने अंदाज़ में उन सभी का अभिनंदन और आभार भी व्यक्त किया जो ऐसी स्थिति में भी लोगों के जीवन की रक्षा के लिए दिन-रात बिना किसी स्वार्थ के लगे हुए हैं। न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में तेज़ी से पांव पसार रहे खतरनाक कोरोना वायरस से हमारी सुरक्षा करने वाले चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों के साथ उन सबका अभिनंदन करना बेहद आवश्यक था, जो हमारे लिए जरूरी सेवाओं को व्यवस्थित रूप से चलाने में एकजुटता से काम कर रहे हैं।
देश के लोगों ने जनता कर्फ्यू को जिस प्रकार से सफल बनाया है, इससे यह उम्मीद जग गई है कि एकजुटता से मिलकर देश में आई किसी भी खतरनाक संकट का सामना कर सकते हैं। इसी के साथ यह ध्यान रखना होगा कि संकट बड़ा है, ऐसा संयम और अनुशासन दिखाने की ज़रूरत आगे भी रहेगी। यह सही है कि सभी के सामाजिक रूप से अगल-थलग रहने से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी, लेकिन सरकार द्वारा जिस तरह से तमाम शहरों को बंद करने का निर्देश दिया है, उससे यही अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि हमें अभी और सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके अलावा और कोई उपाय नही है। सेहत और साफ-सफाई के प्रति अतिरिक्त ध्यान देने के साथ खुद को सामाजिक रूप से अगल-थलग रखने में ही हम सबकी भलाई है। इन सबके साथ ही इस संकट से पार पाने का भरोसा रखने के साथ ही लोगों को इस पर यकीन रखना चाहिए कि हमारा प्रशासन वह सब कुछ करने के लिए यथासंभव कोशिश कर रहा है ,जो आवश्यक है। इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन का सहयोग करना हम सबकी ज़िम्मेदारी होने के साथ ही हमारा राष्ट्रीय दायित्व भी है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि यह लड़ाई कठिन और लंबी है, लेकिन हमें इस संकट को जीतने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।
अब देश के लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि जिस प्रकार से उन्होंने इस जनता कर्फ्यू को सफल बनाया है, ठीक उसी प्रकार से उसे आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी भी देश की जनता की ही बनती हैं। जनता की जागरूकता और कर्तव्यपरायणता से ही किसी भी प्रकार के संकट से निपटा जा सकता हैं। लेकिन इसके साथ ही कुछ लोगों को यह भी समझना चाहिए कि यह देश मे आए इस संकट को पब्लिक हॉलिडे समझने की गलती न करें। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को देश की जनता को भी सहयोग करना चाहिए और अपने घरों में रहकर ही देश को बचाने के लिए योगदान देना चाहिए। कुछ लोगों की लापरवाही लोगों की जान ले सकती हैं। सब कुछ केवल सरकार की ज़िम्मेदारी नही बनती है, हमें स्वयं इस संकट का मुकाबला डटकर करना हैं। हम स्वयं को घर पर रखकर ना केवल अपनेआप को बल्कि अन्य लोगों को और साथ ही पूरे समाज को भी सुरक्षित रख सकते हैं।
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