2020 Good And Bed Memory

किन घटनाओं के लिए याद रहेगा साल 2020 ? 

वैसे तो साल 2020 दुनियाभर के लोगों को नोवेल कोरोना वायरस महामारी के कहर के लिए याद रहेगा, जिसे भूलना किसी के लिए भी मुमकिन नहीं है। लेकिन इसके साथ ही साल 2020 कई अच्छी और दुखद घटनाओं के लिए भी याद किया जाएगा। ऐसे ही कई अच्छी और दुखद घटनाओं पर डालते है एक नज़र।

कोरोना महामारी और लॉकडाउन



साल 2020 का नाम जिस घटना के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज किया जाएगा वह है 'नोवेल कोरोना वायरस'। साल 2020 की शुरूआत से पहले ही चीन के एक शहर में फैले कोरोना वायरस ने कब महामारी का रूप ले लिया, किसी को समझ नहीं आया। जिसने केवल भारत ही नहीं पूरी दुनिया को अपनी ज़द में ले लिया। इससे बचाव के तौर पर हर जगह लॉकडाउन लगाया गया, जो बहुत की भयावह रहा। देश में लॉकडाउन की घोषणा के कुछ देर बाद ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। सुबह-सुबह पार्को में आने वाले लोगों की धमक,स्कूल-कॉलेज जाने के लिए  छात्रों का चहल-पहल, हमेशा गुलज़ार रहने वाली दुकानें पलभर में ही इतिहास बन गया।

थम गई भारत की लाइफलाइन रेलवे 



कोरोना महामारी के कारण भारत के इतिहास में 166 सालों के बाद देश की लाइफलाइन 'भारतीय रेल' को बंद करना पड़ा, जिसे कभी भयानक युद्ध के दौरान भी बंद नहीं किया गया। इससे कोरोना वायरस की भयावता का अंदाजा लगाना मुश्किल नही है। हालांकि अच्छी बात यह रही कि यह रोक सवारी गाड़ी के लिए थी, इस दौरान मालगाड़ी की आवाजाही पर रोक नहीं लगाया गया। बेश़क सवारी गाड़ी की आवाजाही पर रोक के कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का समाना करना पड़ा। जिसके बाद सरकार द्वारा लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए मई के महीने से श्रमिकों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई।      

प्रकृति में लगे चार चांद


कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण साल 2020 लोगों के लिए बेहद दुखद रहा। इस महामारी ने बेशक लोगों को घरों में कैद कर दिया था, गाड़ियों और ट्रेन की आवाजाही बंद होने से लोग जगह-जगह फंसे हुए थे। इन सबके बीच हमारी प्रकृति में चार चांद लग गए। लॉकडाउन में गाड़ियां, फैक्ट्री और उद्योग-धंधे बंद होनो के कारण प्रदूषण में कमी हुई, जिसकी वजह से हम सब को प्रकृति के नए रूप से रुबरू होने की मौका मिला। आसमान अपनी सुन्दरता की चमक से निखर गया तो वहीं हवाओं के बयार में अलग तरह की खुशबू का एहसास था। साथ ही जिन नदियों को साफ करने में तमाम सरकारों द्वारा अरबों रुपये खर्च किए जाते रहे है वह नदियां लॉकडाउन में स्वच्छता की हिलोरे मार धरती को पावन बना रही थी। देश के सबसे प्रदूषित नदियों में शुमार गंगा और यमुना लॉकडाउन में स्वच्छता की हिलोरे मार रही थी। साथ ही वायु प्रदूषण के कारण जिस आसमान की सुन्दरता धुमिल हो रही थी वह इतना अधिक स्वच्छ हो गया है कि अब आसमान अपनी छटा बिखेर रहा है।

मानवता की नई परिभाषा



चीन के बुहान शहर से शुरू हुए कोरोना महामारी के कह़र ने पूरी दुनिया को अपने ज़द में ले लिया। इस महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लगाया गया, जिसके कारण लोगों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा। सभी लोग जगह-जगह फंसे थे, किसी के पास खाने की कमी थी तो कई के पास रहने के घर की समस्या, जो व्यक्ति जहां था वह उसी जगह थम गया। लॉकडाउन के कारण रोजगार खत्म हो गया जिससे लोगों की रोजी-रोटी समाप्त हो गई। ऐसे में कई लोग पीड़ितों के लिए मसीहा बनकर आए और अपने मदद के हाथ बढ़ाया। इस महामारी के बीच अभिनेता सोनु सूद ने लोगों को अपने घरों तक पहुंचाने में काफी सहायता की। इसके साथ ही देश के लोगों ने सड़क के रास्ते पैदल अपने घरों को जा रहे पीड़ितों को कई जरुरी सहायता मुहैया कराया। इस महामारी ने दुनिया को मानवता की नई परिभाषा से रुबरू कराने का काम भी किया, जो अत्यंत सुखद था।        

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